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अररिया: धावा दल की छापेमारी विवादित, ADM पर चिकित्सक को थप्पड़ मारने का आरोप, स्वास्थ्य सेवाएं ठप

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बिहार के अररिया जिले में स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी एक बड़े विवाद में बदल गई है। फारबिसगंज के रेफरल रोड स्थित बचपन नियो एंड चाइल्ड हॉस्पिटल में डीएम के निर्देश पर गठित धावा दल नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी सेंटर की जांच के लिए पहुंचा था, तभी विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। आरोप है कि जांच के दौरान धावा दल में शामिल उप निर्वाचन पदाधिकारी एवं ADM डॉ. रामबाबू ने चिकित्सक डॉ. दीपक कुमार को थप्पड़ मार दिया।
इस घटना के बाद अस्पताल में दोनों पक्षों में हाथापाई हुई और धावा दल के सदस्यों को एक कमरे में बंधक बना लिया गया। मामले की सूचना मिलते ही फारबिसगंज एसडीएम अभय कुमार तिवारी, अनुमंडल निर्वाचन पदाधिकारी अविनाश कृष्ण और थानाध्यक्ष राघवेंद्र कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बंधक बनाए गए सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला।
धावा दल में वरीय उप समाहर्ता डॉ. रामबाबू, नरपतगंज पीएचसी प्रभारी डॉ. दीपक कुमार सिंह, फारबिसगंज पीएचसी प्रभारी डॉ. राजीव बसाक, अंचलाधिकारी पंकज कुमार और पुलिस बल शामिल थे। अस्पताल प्रबंधन का आरोप है कि करीब आधे घंटे तक धावा दल के सदस्यों को कमरे में बंधक बनाए रखा गया। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया।
घटना सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हो गई है। वीडियो में डॉ. रामबाबू द्वारा चिकित्सक पर थप्पड़ मारते हुए देखा जा सकता है। इस घटना में डॉ. दीपक कुमार का हाथ फ्रैक्चर हो गया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और भाषा ने मामले को गंभीरता से लिया है। डॉक्टरों और दवा दुकानदारों ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया, जिससे पूरे जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। फारबिसगंज के सभी अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी और एक्स-रे सेंटर बंद हैं। दवा दुकानें भी बंद हैं और केवल आपातकालीन सेवाओं के लिए एक दुकान खुली है।
डीएम के निर्देश पर धावा दल का गठन किया गया था ताकि जिले के निजी अस्पतालों, पैथोलॉजी सेंटर और अल्ट्रासाउंड सेंटर के मानक संचालन का पालन सुनिश्चित किया जा सके। सिविल सर्जन डॉ. के.के. कश्यप ने मौके पर जाकर जांच शुरू की और मामले की रिपोर्ट सौंपने के लिए सीनियर एडीएम राजमोहन झा की अगुवाई में पांच सदस्यीय टीम गठित की। इस टीम में सिविल सर्जन, सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक, फारबिसगंज एसडीओ और एसडीपीओ शामिल हैं।
आईएमए के फारबिसगंज शाखा के सचिव डॉ. अतहर ने कहा कि डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिक है। उन्होंने चेतावनी दी है कि 48 घंटे में समाधान नहीं निकला तो हड़ताल अनिश्चितकाल के लिए जारी रह सकती है।
इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच गंभीर तनाव को उजागर कर दिया है। जिले में मरीजों को अस्पतालों और दवा दुकानों की अनुपलब्धता के कारण भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है।

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